योग एक अनमोल धरोहर

श्री आर० एस० पतंजलि योग इंस्टीटूट में आपका स्वागत है

'योग केवल शारीरिक व्यायाम करने और रोगों को दूर करने वाली प्रक्रिया ही नहीं बल्कि जीवन को बेहतर बनाने की एक जीवन पद्धति है ।'
अरविन्द कुमार मिश्रा 'एडवोकेट'

योग भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है । योग का तात्पर्य जोड़ना है, योग मात्र आसन, प्राणायाम एवं रोगोपचार तक ही सीमित नहीं है । योग मन को शरीर से, मनुष्य को प्रकृति से, विचार को कर्म से तथा परमपिता परमात्मा से आत्मा के मिलन का साधन है ।

योग किसी न किसी रूप में पूरे विश्व में प्रचलित है । योग जैसे ही भारत मूल के ध्यान को भी चीन एवं जापान में जेन के नाम से जाना जाता है । हजारों वर्ष पहले से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने योग को पूरे विश्व में फैलाने का प्रयास किया । योग विश्व में कई नामों से जाना जाता है – पातंजलि योग, हठ योग, लय योग, जैन योग, बौद्ध योग आक्रद। विश्व भी भारत की संस्कृति का गुणगान करता रहा है, और इसकी महत्ता को समझ चुका है। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने कुछ वर्ष पहले ऋग्वेद को विश्व धरोहर के रूप में स्वीकार किया । सह सहकार्यवाह जी ने भगवान शिव को आदि योग गुरू बताया, क्योंकि भगवान शिव ने ही सप्त ऋषियों को प्रथम बार अष्टांग योग दर्शन कराया ।



हमारा पता

नियर रॉयल पब्लिक स्कूल, दुर्गा नगर, बरेली-243006
ऑफिस न०- 9027340690
एडमिशन के लिए तत्काल सम्पर्क करें- 7983080206, 9411893881
ई-मेल- shreerseducational123@gmail.com